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VEDIK ITIHAS / इतिहास तथा पुराण

इतिहास तथा पुराण प्राचीन भारतीय संस्कृति का आधार प्राचीन आर्ष साहित्य को माना जाता है उसकी विशेषता तार्किकता, तथ्यात्मकता व बौद्धिकता है। वेद, ब्रह्माण्ड, आरण्यक, उपनिषद, वेदाङ्ग, उपवेद और उपाङ्ग…

VEDIK ITIHAS / चार उपवेद और छह वेदाङ्ग

चार उपवेद और छह वेदाङ्ग सभ्यता के विकास के लिए उपवेदों का विकास किया गया। आयुर्वेद, धनुर्वेद गन्धर्वर्वेद और अर्थवेद को चार प्रमुख उपवेद कहा जाता है। आयुर्वेद स्वास्थ्य विज्ञान…

VEDIK ITIHAS / मथुरा में कंस तथा वसुदेव

मथुरा में कंस तथा वसुदेव जिस समय हस्तिनापुर की केन्द्रीय सत्ता कुरुवंश की आन्तरिक कलह से कमजोर पड़ रही थी, मगध के सम्राट जरासन्ध के मन में चक्रवर्ती सम्राट बनने…

VEDIK ITIHAS / हस्तिनापुर राजपरिवार में कलह

महर्षि कृष्ण द्वैपायन व्यास कृष्ण द्वैपायन व्यास की माता सत्यवती एक साधारण मछुआरे की पुत्री थी। उनका निवास कालपी के निकट यमुना नदी के तट पर था। उन्हें धीवर या…

VEDIK ITIHAS / द्वापर युग का अन्तिम चरण

शान्तनु तथा उत्तराधिकारी दिलीप के पुत्र प्रतीप थे। प्रतीप के तीन पुत्र देवापि, शान्तनु और बाह़्लीक हुए। देवापि ने वैराग्य ले लिया, अतः प्रतीप के बाद शान्तनु राजा हुए। उनके…

VEDIK ITIHAS / द्वापर युग में सूर्यवंश का पतन

द्वापर युग में सूर्यवंश का पतन द्वापर युग सत्ता का केन्द्र कुरु-पाञ्चाल प्रदेश रहा। इन प्रदेशों में चन्द्रवंश की विभिन्न शाखाओं का शासन था। यादव, वार्ष्णेय, पाञ्चाल, कौरव आदि प्रमुख…

VEDIK ITIHAS / राम का अन्तिम समय और उत्तराधिकारी

राम का अन्तिम समय और उत्तराधिकारी जीवन भर साहस के साथ संघर्षों से जूझने वाले राम का साहसी हृदय सीता और लक्ष्मण के बलिदान को सहन नहीं कर सका। वे…

VEDIK ITIHAS / शम्बूक वध तथा लक्ष्मण का परित्याग

राम का शासनकाल दशग्रीव रावण का शासन काल वास्तव में लंका का स्वर्णयुग था। अपराजेय सैनिक शक्ति, अतुल धन वैभव और व्यवस्थित शासन व्यवस्था लंका के लिए गर्व का विषय…