VEDIK ITIHAS / इक्ष्वाकुवंश तथा शाक्यों का विनाश
इक्ष्वाकुवंश तथा शाक्यों का विनाश सम्राट उदयन का समकालीन कोशल नरेश प्रसेनजित थे। महाभारत युद्ध में तत्कालीन कोशल नरेश बृहद़्बल ने धृतराष्ट्र पुत्रों की ओर से युद्ध किया था और…
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इक्ष्वाकुवंश तथा शाक्यों का विनाश सम्राट उदयन का समकालीन कोशल नरेश प्रसेनजित थे। महाभारत युद्ध में तत्कालीन कोशल नरेश बृहद़्बल ने धृतराष्ट्र पुत्रों की ओर से युद्ध किया था और…
बुद्धकालीन भारत बुद्धकालीन भारतवर्ष में अनेक गणतन्त्र, राजतन्त्र तथा साम्राज्य थे। उस समय चार प्रमुख साम्राज्यों, 16 महाजनपदों और दस गणराज्यों का उल्लेख इतिहास में मिलता है। प्राचीन प्रमुख राज्य…
कौशाम्बी, कोशल और मगध सम्राट जनमेजय के बाद उनके पुत्र सतानीक सिंहासन पर बैठे। पुराण उनकी प्रशंसा करने में भी उदार रहें हैं। शतानीक के काल मे भी पुराण रचना…
विद्या – प्रेमी सम्राट परीक्षित् चक्रवर्ती युधिष्ठिर के बाद परीक्षित् भारत के सम्राट बने। वे अर्जुन के पौत्र और अभिमन्यु के पुत्र थे। अभिमन्यु कृष्ण के भांजे थे, अतः परीक्षित…
कृष्णकाल का ऐतिहासिक महत्व भारतीय इतिहास के कृष्ण काल कई कारणों से बहुत अधिक महत्वपूर्ण है। सबसे बडी बात है कि स्पष्ट रूप से निश्चित तिथिक्रम हमें उसी काल में…
कुरुक्षेत्र में महाभारत युद्ध विराट नगर में अभिमन्यु के साथ उत्तरा के विवाह के बाद पाण्डवों समर्थकों की सभा हुई। उसमें आयोजक मत्स्य नरेश विराट पाञ्चाल नरेश द्रुपद, शिशुपाल के…