Author: Anil

VEDIK ITIHAS / इतिहास तथा पुराण

इतिहास तथा पुराण प्राचीन भारतीय संस्कृति का आधार प्राचीन आर्ष साहित्य को माना जाता है उसकी विशेषता तार्किकता, तथ्यात्मकता व बौद्धिकता है। वेद, ब्रह्माण्ड, आरण्यक, उपनिषद, वेदाङ्ग, उपवेद और उपाङ्ग…

VEDIK ITIHAS / चार उपवेद और छह वेदाङ्ग

चार उपवेद और छह वेदाङ्ग सभ्यता के विकास के लिए उपवेदों का विकास किया गया। आयुर्वेद, धनुर्वेद गन्धर्वर्वेद और अर्थवेद को चार प्रमुख उपवेद कहा जाता है। आयुर्वेद स्वास्थ्य विज्ञान…

VEDIK ITIHAS / वेद और वैदिक विचारधारा

वेद और वैदिक विचारधारा परम्परागत मान्यता है कि ब्रह्मा ने एक संहिता में सम्पूर्ण वेद को परमात्मा से प्राप्त किया है। वैदिक साहित्य का मूल आधार चार मन्त्र संहितायें हैं…

VEDIK ITIHAS / बुद्घकालीन प्रमुख सम्प्रदाय

मगध राजवंश और तिथि क्रम कौशाम्बी सम्राट उदयन प्राचीन पुरुवंश या भरतवंश के अन्तिम प्रतापी शासक थे। उसके बाद कौशाम्बी की शक्ति क्षीण होने लगी और मगध का प्रभाव बढने…

VEDIK ITIHAS / इक्ष्वाकुवंश तथा शाक्यों का विनाश

इक्ष्वाकुवंश तथा शाक्यों का विनाश सम्राट उदयन का समकालीन कोशल नरेश प्रसेनजित थे। महाभारत युद्ध में तत्कालीन कोशल नरेश बृहद़्बल ने धृतराष्ट्र पुत्रों की ओर से युद्ध किया था और…

VEDIK ITIHAS / महान् विजेता सम्राट उदयन

बुद्धकालीन भारत बुद्धकालीन भारतवर्ष में अनेक गणतन्त्र, राजतन्त्र तथा साम्राज्य थे। उस समय चार प्रमुख साम्राज्यों, 16 महाजनपदों और दस गणराज्यों का उल्लेख इतिहास में मिलता है। प्राचीन प्रमुख राज्य…

VEDIK ITIHAS / गौतम बुद्ध

कौशाम्बी, कोशल और मगध सम्राट जनमेजय के बाद उनके पुत्र सतानीक सिंहासन पर बैठे। पुराण उनकी प्रशंसा करने में भी उदार रहें हैं। शतानीक के काल मे भी पुराण रचना…

VEDIK ITIHAS / सम्राट जनमेजय और नागयज्ञ

विद्या – प्रेमी सम्राट परीक्षित् चक्रवर्ती युधिष्ठिर के बाद परीक्षित् भारत के सम्राट बने। वे अर्जुन के पौत्र और अभिमन्यु के पुत्र थे। अभिमन्यु कृष्ण के भांजे थे, अतः परीक्षित…

VEDIK ITIHAS / कृष्ण का जीवन दर्शन

कृष्णकाल का ऐतिहासिक महत्व भारतीय इतिहास के कृष्ण काल कई कारणों से बहुत अधिक महत्वपूर्ण है। सबसे बडी बात है कि स्पष्ट रूप से निश्चित तिथिक्रम हमें उसी काल में…