VEDIK ITIHAS / वेद और वैदिक विचारधारा
वेद और वैदिक विचारधारा परम्परागत मान्यता है कि ब्रह्मा ने एक संहिता में सम्पूर्ण वेद को परमात्मा से प्राप्त किया है। वैदिक साहित्य का मूल आधार चार मन्त्र संहितायें हैं…
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वेद और वैदिक विचारधारा परम्परागत मान्यता है कि ब्रह्मा ने एक संहिता में सम्पूर्ण वेद को परमात्मा से प्राप्त किया है। वैदिक साहित्य का मूल आधार चार मन्त्र संहितायें हैं…
मगध राजवंश और तिथि क्रम कौशाम्बी सम्राट उदयन प्राचीन पुरुवंश या भरतवंश के अन्तिम प्रतापी शासक थे। उसके बाद कौशाम्बी की शक्ति क्षीण होने लगी और मगध का प्रभाव बढने…
इक्ष्वाकुवंश तथा शाक्यों का विनाश सम्राट उदयन का समकालीन कोशल नरेश प्रसेनजित थे। महाभारत युद्ध में तत्कालीन कोशल नरेश बृहद़्बल ने धृतराष्ट्र पुत्रों की ओर से युद्ध किया था और…
बुद्धकालीन भारत बुद्धकालीन भारतवर्ष में अनेक गणतन्त्र, राजतन्त्र तथा साम्राज्य थे। उस समय चार प्रमुख साम्राज्यों, 16 महाजनपदों और दस गणराज्यों का उल्लेख इतिहास में मिलता है। प्राचीन प्रमुख राज्य…
कौशाम्बी, कोशल और मगध सम्राट जनमेजय के बाद उनके पुत्र सतानीक सिंहासन पर बैठे। पुराण उनकी प्रशंसा करने में भी उदार रहें हैं। शतानीक के काल मे भी पुराण रचना…
विद्या – प्रेमी सम्राट परीक्षित् चक्रवर्ती युधिष्ठिर के बाद परीक्षित् भारत के सम्राट बने। वे अर्जुन के पौत्र और अभिमन्यु के पुत्र थे। अभिमन्यु कृष्ण के भांजे थे, अतः परीक्षित…
कृष्णकाल का ऐतिहासिक महत्व भारतीय इतिहास के कृष्ण काल कई कारणों से बहुत अधिक महत्वपूर्ण है। सबसे बडी बात है कि स्पष्ट रूप से निश्चित तिथिक्रम हमें उसी काल में…
दशरथ कुछ समय बाद रघु ने अज को सत्ता सौंपकर वानप्रस्थ ले लिया। अज के पुत्र दशरथ हुए। अज की पत़्नी इन्दुमती की मृत्यु दशरथ के बचपन में ही हो…
वैवस्वत श्राद्धदैव मनु तथा जल प्रलय प्राचीनतम भारतीय संस्कृति में आदि पुरुष ब्रह्मा को माना जाता है। वेद तथा वैदिक संस्कृति उनकी प्रमुख देन है। वे सम्पूर्ण नृवंश के पितामह…
ॐ प्राचीन सभ्यतायें भारतीय संस्कृति का प्राचीन इतिहास क्या है। और इसका प्रारम्भ कैसे हुआ, इस बारे में हम सभी के मन में जिज्ञासा सदैव से रही है और रहेगी।…