Author: Anil

VEDIK ITIHAS / दशग्रीव का लंका पर अधिकार

दशग्रीव का लंका पर अधिकार कैकसी के पुत्रों पर ननिहाल के दैत्यवंशी राक्षसों का प्रभाव अधिक था। सुमाली ने एक योजना के तहत ही अपनी पुत्री कैकसी को विश्रवा की…

युद्धकाण्ड { भाग-2}

राम रावण युद्ध का लौकिक विवरण { भाग-2 } क्षितिज पर सूर्य धीरे-धीरे अस्त होकर सागर की गहराइयों में डूब रहा था। सागर की लहरे बार-बार किनारे पर आती और…

युद्धकाण्ड { भाग-1}

राम-रावण युद्ध का लौकिक विवरण जहाँ राम एक अवतार और अलौकिक पुरुष न होकर केवल एक साधारण मनुष्य हैं। जिन्होने वानर नामक एक साधारण जनजाति की सहायता से उस समय…

VEDIK ITIHAS / राजा मित्रसह – शाप तथा नियोग

राजा मित्रसह – शाप तथा नियोग इक्ष्वाकुवंश में भगीरथ के पुत्र सुहोत्र, उनके पुत्र श्रुति, उनके पुत्र नाभाग, नाभाग के पुत्र अम्बरीष, उनके सिन्धुद्वीप, उनके पुत्र अयुतायु हुए। अयुतायु के…

VEDIK ITIHAS / त्रेतायुग का प्रथम चरण ( गंगावतरण) , एंव प्रतापी सम्राट भरत

त्रेतायुग का प्रथम चरण — गंगावतरण हरिश्चन्द्र के साथ प्राचीन इतिहास का प्रथम कालखण्ड सतयुग समाप्त हो जाता है और इसके बाद दूसरा कालखण्ड त्रेतायुग आरम्भ होता है। त्रेतायुग में…

VEDIK ITIHAS / इतिहास के दर्पण में सत्ययुग का सत्य

भार्गव राम (परशुराम) अग्रे चत्वारो वेदाः, पृष्ठे सशरम् धनुः।। भारतीय इतिहास के युगनायकों को अवतारी व्यक्तित्व माना गया है। दशावतार गणना में भार्गव राम अर्थात् लोकिविश्रुत भगवान् परशुराम को पञ्चम…

VEDIK ITIHAS / सत्ययुग के अन्तिम चरण में राजनीतिक उथल-पुथल

पुरुकुत्स द्वारा रसातल के मौनेय गन्धर्वों का दमन मान्धाता के पुत्र पुरुकुत्स भी पिता के समान पराक्रमी थे । उन्होंने रसातल में शक्तिशाली गन्धर्वों का दमन किया था। उस समय…

VEDIK ITIHAS / सम्राट मान्धाता

पृथुद्वारा कृषि का आरम्भ तथा असुरों का आक्रमण राजा पृथु सूर्य वंश की सातवी पीढ़ी में हुए थे। इस वंश के संस्थापक या मूल पुरुष विवस्वान् (सूर्य) थे। उनके पुत्र…