VEDIK ITIHAS / राम विवाह तथा वनवास
राम विवाह तथा वनवास जिस समय लंका की शक्ति चरम उत्कर्ष पर थी, अयोध्या राजकुमार राम के रूप में एक नन्हीं चुनौती आकार ले रही थी। लंका के विरुद्ध वशिष्ठ…
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राम विवाह तथा वनवास जिस समय लंका की शक्ति चरम उत्कर्ष पर थी, अयोध्या राजकुमार राम के रूप में एक नन्हीं चुनौती आकार ले रही थी। लंका के विरुद्ध वशिष्ठ…
दशग्रीव का लंका पर अधिकार कैकसी के पुत्रों पर ननिहाल के दैत्यवंशी राक्षसों का प्रभाव अधिक था। सुमाली ने एक योजना के तहत ही अपनी पुत्री कैकसी को विश्रवा की…
दशरथ कुछ समय बाद रघु ने अज को सत्ता सौंपकर वानप्रस्थ ले लिया। अज के पुत्र दशरथ हुए। अज की पत़्नी इन्दुमती की मृत्यु दशरथ के बचपन में ही हो…
राम रावण युद्ध का लौकिक विवरण { भाग-2 } क्षितिज पर सूर्य धीरे-धीरे अस्त होकर सागर की गहराइयों में डूब रहा था। सागर की लहरे बार-बार किनारे पर आती और…
राम-रावण युद्ध का लौकिक विवरण जहाँ राम एक अवतार और अलौकिक पुरुष न होकर केवल एक साधारण मनुष्य हैं। जिन्होने वानर नामक एक साधारण जनजाति की सहायता से उस समय…
राजा मित्रसह – शाप तथा नियोग इक्ष्वाकुवंश में भगीरथ के पुत्र सुहोत्र, उनके पुत्र श्रुति, उनके पुत्र नाभाग, नाभाग के पुत्र अम्बरीष, उनके सिन्धुद्वीप, उनके पुत्र अयुतायु हुए। अयुतायु के…
त्रेतायुग का प्रथम चरण — गंगावतरण हरिश्चन्द्र के साथ प्राचीन इतिहास का प्रथम कालखण्ड सतयुग समाप्त हो जाता है और इसके बाद दूसरा कालखण्ड त्रेतायुग आरम्भ होता है। त्रेतायुग में…
भार्गव राम (परशुराम) अग्रे चत्वारो वेदाः, पृष्ठे सशरम् धनुः।। भारतीय इतिहास के युगनायकों को अवतारी व्यक्तित्व माना गया है। दशावतार गणना में भार्गव राम अर्थात् लोकिविश्रुत भगवान् परशुराम को पञ्चम…
पुरुकुत्स द्वारा रसातल के मौनेय गन्धर्वों का दमन मान्धाता के पुत्र पुरुकुत्स भी पिता के समान पराक्रमी थे । उन्होंने रसातल में शक्तिशाली गन्धर्वों का दमन किया था। उस समय…
पृथुद्वारा कृषि का आरम्भ तथा असुरों का आक्रमण राजा पृथु सूर्य वंश की सातवी पीढ़ी में हुए थे। इस वंश के संस्थापक या मूल पुरुष विवस्वान् (सूर्य) थे। उनके पुत्र…